Thursday, February 6, 2014

मेरे जीजाजी और सेक्सी बहेन

दोस्तों ये बात है उन दिनों की है जब मेरी छोटी बहन नीतू मेरे घर आयी थी मेरा पति राजेश अपनी ड्युटी पर चला गया था। नीतू को कोलेज में जाना था सो वो मेरे पास रहने लगी। राजेश के जाने के २ दिन बाद ही नीतू ने मुझसे कहा "दीदी ये कमल जो आता है उस का और तेरा कोई चक्कर है क्या। मैने मना किया तो वो बोली "दीदी ये तो नहीं हो सकता वो रोज़ आता है और मेरे कोलेज जाने के समय आता है। मैने कल ही वापिस आ के देखा था आप दोनो ने रूम बंद कर लिया था।"


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"अरे तेरे को कोई गलतफ़हमी होगी। ऐसा कुछ नहीं है" ये कह के मैं चुप हो गयी और उसने भी सवाल नहीं किये। पर मैने सोचा अगर नीतू ने देख ही लिया है तो क्यों न मैं इसको ही कमल से चुदवा दूं । सो मैने धीरे धीरे नीतू को छेड़ना शुरु कर दिया। कभी उसकी चूची दबाती तो कभी उसकी गांड पर हाथ मारती। शुरु में तो नीतू ने थोड़ी शरम की फ़िर वो भी मेरे को छेड़ने लग गयी। मैने पूनम को भी कह दिया कि तू नीतू को कमल के लिये तैयार कर दे इधर मैन भी उस को तैयार करती हूं।

सो हम दोनो मां बेटी नीतू को छेड़ने लग गयी। कमल को मैने बता ही दिया था सो वो भी नीतू से बातें करने लगा। नीतू भी उस से बात करती, कमल ने उस को स्टडी का ओफ़र किया। मैने भी नीतू को कह दिया कि तू कमल से पढ़ लिया कर।

वो मान गयी और मैने और पूनम ने नीतू को ज्यादा छेड़ना शुरु कर दिया। १ दिन मैं और नीतू ही घर में थे। कमल आ गया और नीतू को अपने पास बिठा लिया। " नीतू आज मैं तेरे को देर तक पढ़ाउंगा, तू कुछ काम करना चाहती है तो जल्दी से कर ले। " नीतू ने कहा "नहीं जीजा जी मेरा कोई काम नहीं है वो तो रोशनी ही कर लेगी। आप तो मेरे को पढ़ा दो"।

मैने कहा "जीजा जी, आज तो सारी फड़ाई कर दो नीतू की, ये भी तैयार है" बस फ़िर क्या था कमल ने नीतू को अपने नजदीक बिठा लिया और उसकी चूची पकड़ ली।

"जीजा जी ये क्या कर रहे हो, दीदी से करना ये"

"नहीं नीतू तूने सुना नहीं रोशनी ने क्या कहा था - सारी फड़ाई आज करवा देना,"

"रोशनी की तो शादी हो गयी है इसको तो कोई डर नहीं है मैं तो कुंवारी हूं, अगर कोई गड़बड़ हो गयी तो?"

मैने कहा "नीतू तू डर मत आज तो तू भी कमल से मजा ले ले नहीं तो कोई और तेरी पता नहीं क्या हालत करेगा फ़िर मैं भी तो तेरे साथ हूं"।

ये कहा कि मैने भी नीतू को पकड़ लिया और कमल और मैं उस के दोनो गालों को चूमने लगे और उसकी चूची दबाने लगे। वो सिसकियां भरने लगी और कमल के नजदीक घुसने लगी। मैने नीतू की कमीज खोल दी और कमल ने नीतू की सलवार। नीतू सिर्फ़ चड्ढी और ब्रा में थी ।

"दीदी कोई आ गया तो" नीतू ने अपना डर बताया

"तू डर मत कमल है न और मैं भी तो हूं। तू कमल का शर्ट खोल दे मैं दरवाजा बंद करती हूं"

नीतू ने कमल का कमीज खोल दिया और कमल नीतू की चूची चूस ने लगा नीतू सिसकिआं भरने लगी

नीतू "आआआआआआआआऐईईईईईईईईईईईईईईईईईई आआआअह्हह्हह्हह्हह्हह्हाआआआआआआआआअ ऊऊऊऊऊऊऊईईईईईईइम्मम्मम्मम्ममाआआआआआआआआआ जीजा जीईईईईईईईईईईईईईईईई मजा आ रहा है। आआआआआआआआआआआआआआ" मैने कमल की पैंट और अंडरवेअर खोल दिया और नीतू के हाथ में कमल का ८ इंच का लौड़ा दे दिया। गरम गरम लौड़े पकड़ के नीतू और भी गरम हो गयी।




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